By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 23 May 2026 at 05:13 PM
दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में शनिवार को कांग्रेस की अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक आयोजित हुई. बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी. उन्होंने दावा किया कि अगले एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सत्ता से विदाई तय है. राहुल गांधी ने कहा कि देश और दुनिया के आर्थिक हालात तेजी से बदल रहे हैं और इसका असर जनता के मूड पर भी दिखाई देने लगा है.
राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक परिस्थितियों के चलते लोगों में असंतोष बढ़ रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पहले भी कई राजनीतिक भविष्यवाणियां की थीं, जो बाद में सही साबित हुईं. राहुल गांधी ने भरोसा जताया कि इस बार भी उनका आकलन सही निकलेगा और आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा.
मुस्लिम शब्द के इस्तेमाल पर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान कुछ नेताओं ने सुझाव दिया कि सार्वजनिक मंचों पर मुस्लिम शब्द के बजाय अल्पसंख्यक शब्द का इस्तेमाल किया जाए. इस पर राहुल गांधी ने अपनी असहमति जताई. उन्होंने कहा कि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय हो तो उसके समर्थन में खुलकर खड़ा होना चाहिए और इसमें डरने की जरूरत नहीं है.
अन्याय के खिलाफ हर वर्ग के साथ खड़ी होगी कांग्रेस
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस हर उस वर्ग के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी जिसके साथ अन्याय होगा. उन्होंने कहा कि चाहे मामला हिंदू, दलित, सवर्ण, मुस्लिम, सिख, ईसाई या बौद्ध-जैन समाज का हो, पार्टी किसी भी पीड़ित वर्ग की आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेगी.
बीजेपी की राजनीति का जवाब आर्थिक मुद्दों से देने पर जोर
बैठक में मौजूद कुछ नेताओं ने कहा कि बीजेपी की हिंदू-मुस्लिम राजनीति का मुकाबला आर्थिक मुद्दों के जरिए किया जाना चाहिए. नेताओं का मानना था कि कांग्रेस ने पहले भी महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक सवालों को लेकर जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत की थी. राहुल गांधी ने इस रणनीति पर सहमति जताई और कहा कि जनता के असली मुद्दों को केंद्र में रखना जरूरी है.

