By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 27 May 2026 at 06:32 PM
उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय के डालमिया छात्रावास में बुधवार को छात्रों के भोजन में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया। दोपहर के भोजन के दौरान परोसी गई चिकन करी में छिपकली मिलने के बाद छात्र भड़क उठे और छात्रावास परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। घटना के बाद पूरे हॉस्टल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
छात्रों के मुताबिक, वे नियमित रूप से मेस में दोपहर का खाना खा रहे थे। इसी दौरान एक छात्र की प्लेट में मौजूद चिकन करी में छिपकली दिखाई दी। यह खबर फैलते ही छात्र आक्रोशित हो गए और मेस प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कई छात्रों ने खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
मेस और कैंटीन को तुरंत किया गया बंद
मामले की जानकारी मिलते ही छात्रावास के वार्डन और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम मौके पर पहुंची। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मेस और कैंटीन दोनों को तत्काल बंद कर दिया। इसके साथ ही खाने और रसोई की सघन जांच भी शुरू कर दी गई। जिन छात्रों ने भोजन किया था, उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
छात्रों ने उठाए साफ-सफाई पर सवाल
छात्रों का कहना है कि छात्रावास में लंबे समय से कई समस्याएं बनी हुई हैं। पीने के पानी की व्यवस्था खराब है और शौचालयों की सफाई भी ठीक तरीके से नहीं होती। छात्रों ने आरोप लगाया कि कई बार लिखित शिकायत देने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया।
वेज और नॉनवेज भोजन को लेकर भी शिकायत
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि मेस में शाकाहारी और मांसाहारी भोजन एक ही तेल में तैयार किया जाता है। इसके अलावा बर्तनों की सफाई भी ठीक से नहीं की जाती। छात्रों का कहना है कि मेस और कैंटीन दोनों का संचालन एक ही व्यक्ति के हाथ में है, जिसके कारण भोजन की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है।
छात्रों की मांग पर प्रशासन कर रहा बातचीत
घटना के बाद छात्र मेस और कैंटीन को स्थायी रूप से बंद करने तथा साफ पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल छात्रावास प्रशासन और विश्वविद्यालय के कई शिक्षक छात्रों को शांत कराने और मामले को सुलझाने में जुटे हुए हैं।

