By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 31 May 2026 at 01:27 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में देशवासियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने खेल, स्वास्थ्य, कृषि और भारतीय परंपराओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री का विशेष फोकस उन खिलाड़ियों पर रहा जिन्होंने हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन किया है।
अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित राष्ट्रीय वरिष्ठ एथलेटिक्स प्रतियोगिता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न हिस्सों से करीब 800 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और कई शानदार प्रदर्शन देखने को मिले।
प्रधानमंत्री ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान चार अलग-अलग स्पर्धाओं में नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बने, जो भारतीय खेल जगत के लिए बेहद उत्साहजनक संकेत हैं। उन्होंने गुरिंदरवीर सिंह, विशाल टीके, तेजस्विन शंकर, देव मीणा और कुलदीप कुमार जैसे खिलाड़ियों की विशेष रूप से सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।
100 मीटर दौड़ ने खींचा देश का ध्यान
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार सबसे अधिक चर्चा 100 मीटर दौड़ को लेकर हुई। उन्होंने बताया कि मात्र दो दिनों के भीतर पुरुष वर्ग की 100 मीटर दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा, जो भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
उन्होंने कहा कि गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उससे आने वाले समय में भारत के ट्रैक एंड फील्ड खेलों को नई पहचान मिल सकती है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने दोनों खिलाड़ियों से बातचीत भी की और उनके अनुभवों को देशवासियों के साथ साझा किया।
भीषण गर्मी को लेकर दी सावधानी बरतने की सलाह
खेलों के बाद प्रधानमंत्री ने देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी का मुद्दा उठाया। उन्होंने लोगों से अपील की कि तेज धूप और लू के दौरान विशेष सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलना और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करना बेहद जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से जारी दिशा-निर्देशों को गंभीरता से अपनाना चाहिए ताकि गर्मी से होने वाली परेशानियों से बचा जा सके।
देसी पेय पदार्थों की दिलचस्प चर्चा
गर्मी के मौसम की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने भारतीय रसोई की परंपराओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमारे घरों में मौसम बदलने के साथ खान-पान की आदतें भी बदल जाती हैं और यही भारतीय संस्कृति की खूबसूरती है।
उन्होंने बताया कि उत्तर भारत में आम पना लोगों की पहली पसंद बन जाता है, जबकि पंजाब और हरियाणा में लस्सी का स्वाद गर्मी से राहत देता है। वहीं राजस्थान और गुजरात में छाछ लगभग हर भोजन का हिस्सा होती है। बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में सत्तू का शरबत आज भी गर्मी से बचाव का पारंपरिक और प्रभावी उपाय माना जाता है।
आम के स्वाद और खुशबू का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि गर्मी का मौसम आते ही आम की चर्चा अपने आप शुरू हो जाती है। उन्होंने कहा कि देश का शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहां आम को लेकर बातचीत न होती हो। हर क्षेत्र के आम की अपनी अलग पहचान, स्वाद और खुशबू होती है।
उन्होंने महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र के हापुस, गुजरात के केसर, उत्तर प्रदेश के दशहरी और काशी के प्रसिद्ध लंगड़ा आम का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि लंगड़ा आम की खासियत यह है कि पकने के बाद भी इसका रंग कई बार हरा दिखाई देता है।
बिहार के जर्दालू आम की भी हुई चर्चा
प्रधानमंत्री ने बिहार के प्रसिद्ध जर्दालू आम का भी विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसकी खुशबू दूर से ही पहचान ली जाती है। इसके अलावा चौसा, मालदा, हिमसागर, बंगनपल्ली, तोतापुरी, नीलम, मलगोवा और सुवर्णरेखा जैसे कई लोकप्रिय आमों का भी उल्लेख किया गया।
उन्होंने कहा कि भारत में आम केवल एक फल नहीं बल्कि भावनाओं और यादों से जुड़ा हुआ है। अलग-अलग क्षेत्रों में इसकी अलग पहचान है और यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।
किसानों की मेहनत को सराहा
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने आम उत्पादक किसानों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान केवल खेती नहीं कर रहे, बल्कि देश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने किसानों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय आम अब गांवों से निकलकर वैश्विक बाजार तक अपनी पहचान बना चुका है।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि किसानों की मेहनत और नवाचार के बल पर भारतीय कृषि क्षेत्र आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगा।

