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कर्नाटक में सियासी हलचल तेज, सिद्धारमैया के इस्तीफे पर उठे सवाल; राज्यपाल की गैरमौजूदगी चर्चा में

By Malay Ojha | Published: 28 May 2026 at 10:36 AM

कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है, जहां मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे को लेकर सस्पेंस लगातार बढ़ता जा रहा है। बताया जा रहा है कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत बेंगलुरु में मौजूद नहीं हैं, जिसके कारण पूरी राजनीतिक प्रक्रिया फिलहाल अटक गई है।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दोपहर बाद राज्यपाल से मिलने का समय मांगा था और इसी दौरान उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई थीं। लेकिन राज्यपाल के इंदौर में होने की वजह से यह मुलाकात संभव नहीं हो सकी, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।

इस्तीफे की तैयारी और कैबिनेट बैठक
बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया गुरुवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की तैयारी में थे। इसके लिए सुबह 10:30 बजे कैबिनेट बैठक भी बुलाई गई है। इस बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि उनके बाद डीके शिवकुमार को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।

ढाई-ढाई साल के समझौते पर फिर बहस
कर्नाटक में 2023 में बनी कांग्रेस सरकार के समय ढाई-ढाई साल के सत्ता-साझेदारी समझौते की चर्चा हुई थी। इसी फॉर्मूले के तहत पहले सिद्धारमैया और बाद में डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने की बात कही गई थी। अब इसी पुराने समझौते को लेकर फिर से सियासी हलचल तेज हो गई है।

दिल्ली बैठक के बाद बढ़ा बदलाव का दबाव
सूत्रों के मुताबिक 26 मई को दिल्ली में करीब सात घंटे तक चली मैराथन बैठक के बाद स्थिति और बदल गई। बताया जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व से बातचीत के बाद सिद्धारमैया ने पद छोड़ने पर सहमति जताई थी, हालांकि अंतिम फैसला अब भी अनिश्चित बना हुआ है।

राज्यपाल के इंदौर जाने से बढ़ा सस्पेंस
राज्यपाल थावरचंद गहलोत के अचानक इंदौर जाने से पूरे घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है। बताया जा रहा है कि वे पारिवारिक कारणों से वहां गए हैं। उनकी अनुपस्थिति ने मुख्यमंत्री इस्तीफे की प्रक्रिया को और उलझा दिया है।

डीके शिवकुमार को लेकर बढ़ी उम्मीदें
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगर सत्ता परिवर्तन होता है तो डीके शिवकुमार को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और हालात पर निर्भर करेगा।

कांग्रेस के भीतर खींचतान जारी
कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से नेतृत्व को लेकर असंतोष की स्थिति बनी हुई है। ढाई साल पूरे होने के बाद से ही डीके शिवकुमार समर्थक लगातार बदलाव की मांग कर रहे हैं, जिससे पार्टी के भीतर तनाव बढ़ता जा रहा है।

आने वाले दिनों में बड़ा फैसला संभव
अब सबकी नजर इस बात पर है कि सिद्धारमैया कब और किस परिस्थिति में मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं। आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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कर्नाटक में सियासी हलचल तेज, सिद्धारमैया के इस्तीफे पर उठे सवाल; राज्यपाल की गैरमौजूदगी चर्चा में

By Malay Ojha | Published: 28 May 2026 at 10:36 AM

कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है, जहां मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे को लेकर सस्पेंस लगातार बढ़ता जा रहा है। बताया जा रहा है कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत बेंगलुरु में मौजूद नहीं हैं, जिसके कारण पूरी राजनीतिक प्रक्रिया फिलहाल अटक गई है।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दोपहर बाद राज्यपाल से मिलने का समय मांगा था और इसी दौरान उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई थीं। लेकिन राज्यपाल के इंदौर में होने की वजह से यह मुलाकात संभव नहीं हो सकी, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।

इस्तीफे की तैयारी और कैबिनेट बैठक
बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया गुरुवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की तैयारी में थे। इसके लिए सुबह 10:30 बजे कैबिनेट बैठक भी बुलाई गई है। इस बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि उनके बाद डीके शिवकुमार को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।

ढाई-ढाई साल के समझौते पर फिर बहस
कर्नाटक में 2023 में बनी कांग्रेस सरकार के समय ढाई-ढाई साल के सत्ता-साझेदारी समझौते की चर्चा हुई थी। इसी फॉर्मूले के तहत पहले सिद्धारमैया और बाद में डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने की बात कही गई थी। अब इसी पुराने समझौते को लेकर फिर से सियासी हलचल तेज हो गई है।

दिल्ली बैठक के बाद बढ़ा बदलाव का दबाव
सूत्रों के मुताबिक 26 मई को दिल्ली में करीब सात घंटे तक चली मैराथन बैठक के बाद स्थिति और बदल गई। बताया जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व से बातचीत के बाद सिद्धारमैया ने पद छोड़ने पर सहमति जताई थी, हालांकि अंतिम फैसला अब भी अनिश्चित बना हुआ है।

राज्यपाल के इंदौर जाने से बढ़ा सस्पेंस
राज्यपाल थावरचंद गहलोत के अचानक इंदौर जाने से पूरे घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है। बताया जा रहा है कि वे पारिवारिक कारणों से वहां गए हैं। उनकी अनुपस्थिति ने मुख्यमंत्री इस्तीफे की प्रक्रिया को और उलझा दिया है।

डीके शिवकुमार को लेकर बढ़ी उम्मीदें
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगर सत्ता परिवर्तन होता है तो डीके शिवकुमार को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और हालात पर निर्भर करेगा।

कांग्रेस के भीतर खींचतान जारी
कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से नेतृत्व को लेकर असंतोष की स्थिति बनी हुई है। ढाई साल पूरे होने के बाद से ही डीके शिवकुमार समर्थक लगातार बदलाव की मांग कर रहे हैं, जिससे पार्टी के भीतर तनाव बढ़ता जा रहा है।

आने वाले दिनों में बड़ा फैसला संभव
अब सबकी नजर इस बात पर है कि सिद्धारमैया कब और किस परिस्थिति में मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं। आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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