By Malay Ojha | Published: 12 May 2026 at 11:10 AM
नेशनल एंट्रेंस कम एलिजिबिलिटी टेस्ट यूजी 2026 को रद्द किए जाने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों और वायरल गेस पेपर के सवाल मुख्य परीक्षा में मिलने के दावों के बाद मामला लगातार गरमाता जा रहा है।
जांच एजेंसियों की शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई है कि वायरल हुए गेस पेपर के कई सवाल परीक्षा में पूछे गए थे। हालांकि स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप इसे सीधे तौर पर पेपर लीक मानने से इनकार कर रहा है, लेकिन बड़ी संख्या में सवाल मेल खाने की बात स्वीकार की गई है। बढ़ते विरोध और दबाव के बाद मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी गई है।
राहुल गांधी ने सरकार पर बोला हमला
परीक्षा रद्द होने के बाद कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि 22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को भ्रष्ट व्यवस्था ने कुचल दिया। उन्होंने कहा कि किसी परिवार ने बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लिया, तो किसी ने गहने बेचकर तैयारी कराई, लेकिन बदले में छात्रों को पेपर लीक और लापरवाही मिली।
युवाओं के भविष्य के साथ अपराध बताया
राहुल गांधी ने इस पूरे मामले को सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ अपराध बताया। उन्होंने कहा कि हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं, जबकि ईमानदारी से मेहनत करने वाले छात्र परेशान होते हैं। परीक्षा रद्द होने के बाद अब लाखों छात्रों को दोबारा मानसिक दबाव और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल
नीट परीक्षा विवाद के बाद देश की परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी दल लगातार सरकार को घेर रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं छात्र संगठनों का कहना है कि अगर मेहनत के बजाय पैसे और पहुंच से भविष्य तय होगा, तो शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कमजोर पड़ जाएगा।
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