By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 30 April 2026 at 09:18 AM
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को विधानमंडल के विशेष सत्र में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों का चेहरा कुछ और होता है और व्यवहार कुछ और।
नाम बदलने पर तंज
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले यूपीए नाम था, फिर बदलकर इंडी गठबंधन कर लिया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह ये लोग रंग बदलते हैं, उसे देखकर गिरगिट भी शरमा जाए।
महिला आरक्षण पर घेरा
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि महिला विरोधी रवैये के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने के लिए यह विशेष सत्र बुलाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर हमेशा विरोध की राजनीति करते रहे हैं।
आरक्षण पर सवाल
उन्होंने कहा कि अब जब आधी आबादी का दबाव बढ़ा है तो विपक्ष 33 प्रतिशत आरक्षण की बात कर रहा है। अगर समर्थन था तो सदन में विरोध क्यों किया गया।
कानून व्यवस्था पर निशाना
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि जब-जब उन्हें सत्ता मिली, उस दौर में महिलाओं के खिलाफ कई गंभीर घटनाएं सामने आईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता उस दौर को अच्छी तरह जानती है।
पुराने मामलों का उल्लेख
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार के समय महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठते थे। उन्होंने पुराने मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय की घटनाएं जनता भूली नहीं है।
महिला सशक्तिकरण पर दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों के पास मौका था कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर सहयोग करें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण कानून के रास्ते में भी कई दल बाधा बने।
केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं की गरिमा, सम्मान और भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार काम किया है। भारतीय जनता पार्टी और सहयोगी दल महिलाओं को राजनीति में ज्यादा अवसर देने के लिए प्रयासरत हैं।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद महिलाओं के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। अब कोशिश है कि सदनों में महिलाओं की भागीदारी 33 प्रतिशत तक पहुंचे।
विपक्षी गठबंधन पर अंतिम प्रहार
अपने संबोधन के अंत में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्ष हर अच्छे मुद्दे का विरोध करता है और महिलाओं से जुड़े कई विधेयकों का भी समर्थन नहीं किया।

