By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 22 May 2026 at 06:47 AM
बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने दावा किया है कि जेडीयू में राज्यसभा सांसद बनाने के बदले भारी रकम ली जाती है और पूरे कार्यकाल के दौरान मासिक चंदा भी लिया जाता है।
आरजेडी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर पोस्ट साझा करते हुए जेडीयू पर तंज कसा। पार्टी ने आरोप लगाया कि जेडीयू ऐसी पार्टी है जहां राजनीतिक फैसले आर्थिक लेनदेन के आधार पर होते हैं। हालांकि पोस्ट में किसी सांसद का नाम नहीं लिया गया।
इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर भी उठाए सवाल
आरजेडी ने इलेक्टोरल बॉन्ड के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी को घेरा। पार्टी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा योजना को असंवैधानिक घोषित किए जाने के बाद चुनाव आयोग के सवालों पर जेडीयू यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि पार्टी को करोड़ों रुपये का चंदा किसने दिया।
‘रहस्यमयी चंदे’ पर कसा तंज
पोस्ट में आरजेडी ने व्यंग्य करते हुए कहा कि जेडीयू को मिले चंदे का स्रोत किसी को नहीं पता और यही ‘नीतीश मॉडल’ कहलाता है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक उम्मीदवारों को चुनाव लड़ाने से लेकर संगठन के फैसलों तक सब कुछ आर्थिक व्यवस्था के तहत चलता है।
आनंद मोहन के बयान का भी जिक्र
आरजेडी ने अपने बयान में पूर्व सांसद आनंद मोहन के उस बयान का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने जेडीयू को ‘थैली की पार्टी’ बताया था। पार्टी ने कहा कि हाल के दिनों में इस मुद्दे पर बिहार की राजनीति में लगातार बहस जारी है।
बिहार की राजनीति में बढ़ा सियासी तापमान
आरजेडी के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। हालांकि जेडीयू की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

