By लाइव आर्यावर्त टीम | Published: 12 May 2026 at 12:22 PM
तमिलनाडु की राजनीति में फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले बड़ा मोड़ आ गया है। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके के विधायक आर श्रीनिवास सेतुपति को मद्रास हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उन्हें विधानसभा की कार्यवाही और मतदान में हिस्सा लेने से रोक दिया है। इसके खिलाफ विधायक ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
तिरुपत्तूर विधानसभा सीट से आर श्रीनिवास सेतुपति ने बेहद करीबी मुकाबले में जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 83,365 वोट मिले थे, जबकि डीएमके उम्मीदवार के आर पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट हासिल हुए थे। सिर्फ एक वोट के अंतर से मिली इस जीत को डीएमके प्रत्याशी ने अदालत में चुनौती दी थी।
हाई कोर्ट ने मतदान पर लगाई रोक
मद्रास हाई कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने चुनाव याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम आदेश जारी किया। अदालत ने कहा कि अंतिम फैसला आने तक श्रीनिवास सेतुपति विधानसभा में किसी भी मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। इसमें फ्लोर टेस्ट और अविश्वास प्रस्ताव दोनों शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को होगी सुनवाई
हाई कोर्ट के आदेश के बाद टीवीके विधायक ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। शीर्ष अदालत ने मामले पर बुधवार, 13 मई 2026 को सुनवाई करने की बात कही है। खास बात यह है कि इसी दिन विजय सरकार को विधानसभा में अपना बहुमत भी साबित करना है।
विजय सरकार का गणित कैसे बदला
तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सदस्य हैं और बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। फिलहाल टीवीके गठबंधन के पास 120 विधायक हैं। लेकिन अगर श्रीनिवास सेतुपति मतदान नहीं कर पाते हैं, तो गठबंधन की संख्या घटकर 119 रह जाएगी। ऐसे में सरकार के पास सिर्फ एक विधायक की बढ़त बचेगी।
नई विधानसभा का पहला सत्र जारी
तमिलनाडु विधानसभा का पहला सत्र 11 मई 2026 से शुरू हुआ है। इससे पहले चोलावंदन के विधायक करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री विजय, विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन और अन्य विधायकों ने सदन में सदस्यता की शपथ ली।

